रायपुर: छत्तीसगढ़ में प्रशासनिक कामकाज ठप होने के आसार नजर आ रहे हैं, क्योंकि सूबे के सभी तहसीलदार और नायब तहसीलदार आज से अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार पर जा रहे हैं। पूरा विवाद सीतापुर विधानसभा सीट से विधायक रामकुमार टोप्पो की गिरफ्तारी न होने से जुड़ा है। दरअसल, नायब तहसीलदार तुषार मानिक के साथ हुई कथित मारपीट के मामले में अधिकारी लगातार विधायक को गिरफ्तार करने की मांग कर रहे हैं, लेकिन कार्रवाई न होने से नाराज होकर उन्होंने हड़ताल का रास्ता चुना है।

विधायक की गिरफ्तारी न होने से अधिकारियों में भारी नाराजगी

राजस्व अधिकारी संघ का साफ कहना है कि इस घटना के खिलाफ बीते 29 मई को पूरे प्रदेश के अधिकारियों ने एक दिन का सामूहिक अवकाश लेकर शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध दर्ज कराया था। इसके बाद भी पुलिस प्रशासन ने दोषियों को नहीं पकड़ा है। इस सुस्ती की वजह से प्रदेश के राजस्व अफसरों और कार्यपालिक मजिस्ट्रेटों में काफी गुस्सा है। संघ के नेताओं का कहना है कि अगर ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों के साथ ऐसी घटनाओं पर तुरंत एक्शन नहीं लिया गया, तो इससे प्रशासनिक अमले का मनोबल टूटेगा और वे डर के साए में काम करने को मजबूर होंगे।

जानिए क्या है पूरा विवाद?

यह पूरा मामला मैनपाट क्षेत्र के राजापुर उप-तहसील कार्यालय से जुड़ा है। बताया जा रहा है कि सीतापुर के विधायक रामकुमार टोप्पो की चचेरी बहन सीमा धनकी ने अपनी जमीन के शाख शोध पत्र के सिलसिले में बीते 14 मई को एक आवेदन जमा किया था।

  • शिकायत के मुताबिक, नायब तहसीलदार तुषार मानिक और दफ्तर के बाबू उस काम को लटका रहे थे और महिला को कई दिनों से चक्कर कटवा रहे थे।

  • बुधवार (27 मई) को जब सीमा धनकी दोबारा उप-तहसील दफ्तर पहुंचीं, तो उनका आरोप है कि नायब तहसीलदार से दस्तखत करने की बात कहते ही वे भड़क गए और उनके साथ बदतमीजी करते हुए उन्हें दफ्तर से बाहर जाने को कह दिया।

  • इस बर्ताव की जानकारी जब उन्होंने विधायक को दी, तो उनके समर्थक तुरंत कार्यालय पहुंच गए।

इसके बाद, शाम को करीब 6 बजे विधायक ने सीतापुर लौट चुके नायब तहसीलदार को वापस राजापुर बुलवाया। नायब तहसीलदार तुषार मानिक के साथ अंबिकापुर से एसडीएम फागेश सिन्हा भी मौके पर पहुंचे।

जब विधायक ने अपनी बहन से की गई बदसलूकी को लेकर सवाल किया, तो अधिकारी ने सफाई दी कि उन्होंने कोई दुर्व्यवहार नहीं किया, बल्कि महिला तुरंत साइन करने का दबाव बना रही थीं। आरोप है कि इतना सुनते ही वहां मौजूद विधायक के समर्थक मारपीट पर उतारू हो गए। पीड़ित अधिकारी का दावा है कि विधायक ने भी उन्हें साइड में ले जाकर पीटा, जिसके बाद एसडीएम फागेश सिन्हा ने बीच-बचाव कर उन्हें बमुश्किल वहां से सुरक्षित बाहर निकाला।

अधिकारी ने लगाया हमले का आरोप, विधायक पक्ष भी पहुंचा थाने

नायब तहसीलदार का आरोप है कि विधायक और उनके साथी पूरी प्लानिंग के साथ मारपीट करने ही आए थे और बहन से बदतमीजी का झूठा बहाना बनाया गया। घटना के बाद एसडीएम उन्हें अपनी गाड़ी में बैठाकर अंबिकापुर ले गए। दूसरी तरफ, घटनाक्रम के तुरंत बाद विधायक रामकुमार टोप्पो और उनकी बहन भी सीतापुर थाने पहुंचे, जहां विधायक की बहन की तरफ से अधिकारी के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई गई है।