मकान सूचीकरण और गणना कार्य पूरा, जनगणना 2027 की तैयारियों को मिली रफ्तार
मनेंद्रगढ़: आगामी राष्ट्रीय जनगणना 2027 के मद्देनजर मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (MCB) जिले में पहले चरण का काम सुचारू रूप से पूरा कर लिया गया है। तय कार्यक्रम के अनुसार, 1 मई से 30 मई 2026 तक चले इस अभियान के तहत जिले भर में मकानों का सूचीकरण (हाउस लिस्टिंग) और गणना का कार्य शत-प्रतिशत पूरा हो गया। प्रशासन द्वारा तैयार की गई यह सूची फरवरी 2027 में होने वाली मुख्य देशव्यापी जनसंख्या गणना के लिए एक बुनियादी और मजबूत आधार बनेगी।
मोबाइल ऐप के जरिए घर-घर पहुंचे प्रगणक
कलेक्टर एवं मुख्य जनगणना अधिकारी निलेश कुमार महादेव क्षीरसागर की देखरेख में जिले के तमाम कस्बों, गांवों और शहरी इलाकों में प्रगणकों (फील्ड स्टाफ) ने हर दरवाजे पर दस्तक दी। इस बार डेटा जुटाने के लिए पूरी तरह से डिजिटल माध्यम यानी मोबाइल एप्लिकेशन का इस्तेमाल किया गया। इस सर्वे के दौरान केंद्र सरकार द्वारा तय किए गए 33 अलग-अलग मानकों पर जानकारी जुटाई गई, जिसमें:
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मकानों की मौजूदा भौतिक स्थिति
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घरों में उपलब्ध मूलभूत सुविधाएं (बिजली, पानी, शौचालय आदि)
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परिवारों के पास मौजूद परिसंपत्तियां (व्हीकल, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण आदि)
इन सभी एकत्रित आंकड़ों को पूरी तरह सुरक्षित रखते हुए भारत सरकार के मुख्य डिजिटल सर्वर पर अपलोड कर दिया गया है।
11 तहसील और 6 शहरी निकायों में तैनात था भारी अमला
अपर कलेक्टर एवं जिला जनगणना अधिकारी जितेन्द्र कुर्रे ने इस वृहद अभियान के तकनीकी ढांचे की जानकारी देते हुए बताया कि जिले के अंतर्गत आने वाली सभी 11 तहसीलों और 6 नगरीय निकायों में इस काम को पूरा किया गया है। इसके लिए प्रशासनिक स्तर पर 11 ग्रामीण और 6 शहरी चार्ज सेंटर बनाए गए थे, जिनके भीतर कुल 1,622 हाउस-लिस्टिंग काउंटिंग ब्लॉक तैयार किए गए।
इस राष्ट्रीय मुहिम को सफल बनाने के लिए जिले में कुल 1,882 सरकारी अधिकारी-कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई थी। इस कार्यबल में 1 मुख्य जनगणना अधिकारी, 1 जिला जनगणना अधिकारी, 17 चार्ज ऑफिसर, 2 मास्टर ट्रेनर, 32 फील्ड ट्रेनर के साथ-साथ 1,536 प्रगणक और 268 सुपरवाइजर शामिल थे। वनांचल और बेहद दुर्गम क्षेत्रों की भौगोलिक चुनौतियों के बाद भी मैदानी अमले ने पूरी निष्ठा से काम करते हुए समय पर लक्ष्य हासिल किया और जिले का कोई भी कोना इस सर्वे से अछूता नहीं रहा।
फरवरी 2027 में शुरू होगा दूसरा चरण, जानकारियां रहेंगी पूरी तरह गुप्त
सफलतापूर्वक पहला पड़ाव पार करने पर कलेक्टर निलेश कुमार महादेव क्षीरसागर ने जिले के नागरिकों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया है। उन्होंने कहा कि जनता के सक्रिय सहयोग के बिना इस विशाल राष्ट्रीय कार्य को पूरा करना मुमकिन नहीं था। इसके साथ ही उन्होंने आम जनता से अपील की है कि वे फरवरी 2027 में शुरू होने वाले दूसरे चरण यानी 'एक्चुअल पापुलेशन काउंट' (जनसंख्या की गिनती) में भी इसी तरह बढ़-चढ़कर प्रशासन का साथ दें।
जिला प्रशासन ने आम जनता को भरोसा दिलाते हुए साफ किया है कि नागरिकों द्वारा साझा की गई कोई भी व्यक्तिगत जानकारी लीक नहीं होगी। जनगणना अधिनियम 1948 और जनगणना नियमावली 1990 के कड़े कानूनी प्रावधानों के तहत इसे पूरी तरह गुप्त रखा जाएगा और इस डेटा का उपयोग केवल भविष्य की जनकल्याणकारी नीतियां और विकास योजनाएं तैयार करने के लिए किया जाएगा। इस सफल शुरुआत से रायपुर स्थित राजभवन और मुख्य प्रशासनिक केंद्रों में भी जिले की पीठ थपथपाई जा रही है।


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