महायुति का बड़ा फैसला: विधान परिषद चुनाव में बगावत थामने के लिए बीजेपी, एनसीपी और शिंदे गुट ने बनाई नई रणनीति
मुंबई | महाराष्ट्र में आगामी 18 जून को होने वाले विधान परिषद (एमएलसी) चुनाव को लेकर सियासी पारा पूरी तरह गरमाया हुआ है। इस चुनावी गहमागहमी के बीच भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाले 'महायुति' गठबंधन में आंतरिक असंतोष और बगावत के सुर उठने की खबरें सामने आ रही हैं। सीटों के बंटवारे और उम्मीदवारों के चयन को लेकर उपजे इस अंदरूनी टकराव को थामने और डैमेज कंट्रोल के लिए गठबंधन के घटक दलों ने बुधवार (३ जून) को एक आपातकालीन संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई है। इस साझा पत्रकार वार्ता में भाजपा की ओर से रवींद्र चव्हाण, शिवसेना से उदय सामंत और एनसीपी की तरफ से सुनील तटकरे दोपहर १२ बजे मीडिया के सामने आकर स्थिति स्पष्ट करेंगे।
महायुति पूरी तरह एकजुट, विपक्ष का खाता भी नहीं खुलेगा: एकनाथ शिंदे
इस बीच, गठबंधन के भीतर किसी भी तरह की कलह या मतभेद की अफवाहों को खारिज करते हुए उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने गुरुवार को महायुति की मजबूती का पुरजोर दावा किया। उन्होंने पूरा भरोसा जताते हुए कहा कि सत्ताधारी गठबंधन इस विधान परिषद चुनाव में पूरी एकजुटता और ताकत के साथ मैदान में उतरेगा तथा सभी १७ सीटों पर ऐतिहासिक जीत दर्ज करेगा। शिंदे ने विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा कि विरोधी दल 'महाविकास अघाड़ी' (एमवीए) का इस चुनाव में खाता भी नहीं खुल पाएगा और वे एक भी सीट जीतने में नाकाम रहेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पहले ही सीट शेयरिंग के पूरे ढांचे को साफ कर चुके हैं, इसलिए आपसी मनमुटाव का कोई सवाल ही नहीं उठता।
विपक्ष को गठबंधन की एकता हजम नहीं हो रही: सरकार का दावा
उपमुख्यमंत्री ने अपने बयान में आगे कहा कि महायुति गठबंधन पूरी तरह चट्टान की तरह मजबूत है और सभी दल मिलकर राज्य के विकास को तेज गति से आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष को महायुति की यह राजनीतिक एकजुटता और ताकत हजम नहीं हो रही है, जिसके कारण वे अंदरूनी लड़ाई की झूठी अफवाहें फैला रहे हैं। नामांकन प्रक्रिया के अंतिम दौर में पहुंचने के साथ ही महायुति के शीर्ष नेताओं ने आपस में बैठकर सभी विवादित बिंदुओं को सुलझा लिया है, ताकि चुनावी मैदान में किसी भी प्रकार का भितरघात न हो सके।
सीटों के बंटवारे का फॉर्मूला तय, 11-4-2 के अनुपात में लड़ेंगे दल
काफी लंबे मंथन और उच्च स्तरीय बैठकों के दौर के बाद आखिरकार महायुति गठबंधन में सीटों के बंटवारे का अंतिम फॉर्मूला तय हो गया है। आपसी सहमति के आधार पर तय किए गए इस फॉर्मूले के तहत सबसे बड़े दल भाजपा को ११ सीटें दी गई हैं, जबकि मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना को ४ और उपमुख्यमंत्री अजीत पवार की एनसीपी को २ सीटें आवंटित की गई हैं। महाराष्ट्र विधान परिषद की कुल १७ सीटों पर होने वाले इस द्विवार्षिक चुनाव के लिए नामांकन के आखिरी दिन से ठीक पहले तीनों दलों के बीच इस महत्वपूर्ण समझौते पर मुहर लगी है, जिससे चुनावी जंग बेहद दिलचस्प हो गई है।


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