दाहोद | गुजरात के दाहोद जिले में सोमवार देर रात आए एक भीषण चक्रवाती तूफान और अंधड़ ने भारी तबाही मचाई है। कुदरत के इस कहर के दौरान गरबाड़ा चौकड़ी के समीप लगा स्मार्ट सिटी का एक विशालकाय लोहे का साइनबोर्ड तेज हवाओं के दबाव को झेल नहीं पाया और भरभराकर मुख्य सड़क पर आ गिरा। इस दर्दनाक हादसे की चपेट में आने से तीन राहगीरों की असमय मौत हो गई। घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और प्रशासनिक अमले में हड़कंप देखा गया।

स्मार्ट सिटी का बोर्ड गिरने से तीन की मौत, डेढ़ घंटे तक थमा रहा रास्तों का चक्का

तेज आंधी के बीच हुए इस साइनबोर्ड हादसे में एक नागरिक ने मौके पर ही तड़पकर दम तोड़ दिया, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल लोगों को स्थानीय अस्पताल पहुंचाया गया जहां इलाज के दौरान उनकी सांसें थम गईं। प्रशासन ने मृतकों की शिनाख्त बाबूभाई बारिया, संदीपभाई और हिमसिंहभाई परमार के रूप में की है। इस भारी-भरकम बोर्ड के बीच सड़क पर गिरने के कारण यातायात पूरी तरह ठप हो गया था। सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंचे प्रशासनिक दल ने जेसीबी (JCB) मशीनों की मदद से करीब डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद मलबे को हटाकर रास्ता दोबारा सुचारू करवाया।

उड़ गए टिन शेड और सोलर पैनल, मलबे में दबी मासूम बच्ची

तूफान की रफ्तार इतनी खौफनाक थी कि शहर के भीलवाड़ा क्षेत्र में स्कूटर से गुजर रहे विनोदभाई मावी नामक व्यक्ति पर एक उड़ती हुई टिन की चादर जा गिरी, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। वहीं, गलालियावाड़ इलाके में एक मकान की दीवार ढहने से उसके मलबे के नीचे एक मासूम बच्ची दब गई, जिसे स्थानीय लोगों ने सुरक्षित बाहर निकाला। आंधी के थपेड़ों से घरों की छतों पर लगे भारी सोलर पैनल उखड़कर दूर जा गिरे, जबकि नगर पालिका द्वारा निर्मित एक सार्वजनिक टिन शेड भी ताश के पत्तों की तरह बिखर गया।

धराशायी हुए बरसों पुराने पेड़ और बिजली के खंभे, अंधेरे में डूबा शहर

इस प्राकृतिक आपदा के कारण दाहोद के विभिन्न रिहायशी और व्यावसायिक इलाकों में दशकों पुराने विशाल पेड़ और दर्जनों बिजली के पोल जड़ से उखड़कर सड़कों पर आ गिरे। पेड़ों के गिरने से शहर के कई मुख्य मार्गों पर लंबा ट्रैफिक जाम लग गया, जिसे खोलने के लिए स्थानीय पुलिस और आपदा प्रबंधन (डिजास्टर मैनेजमेंट) की टीमें रात से ही रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी रहीं। बिजली के खंभे और तार टूटने से शहर के एक बड़े हिस्से की विद्युत आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई, जिसके कारण कई इलाकों को पूरी रात घने अंधेरे में गुजारनी पड़ी।