जालंधर | आदमपुर के अंतर्गत आने वाले गांव हरिपुर स्थित एक सरकारी स्कूल के खेल मैदान में बुधवार को उस समय अचानक अफरा-तफरी और कौतूहल का माहौल बन गया, जब आसमान से एक संदिग्ध ड्रोन उड़ता हुआ सीधे बच्चों के पास आ गिरा। गनीमत यह रही कि इस घटना में मैदान में मौजूद किसी भी बच्चे को चोट नहीं आई। इस अनपेक्षित घटनाक्रम के बाद ग्रामीण इलाकों में सुरक्षा को लेकर तरह-तरह की अटकलें लगाई जाने लगीं।

स्कूली बच्चों ने सरपंच को सौंपा ड्रोन, पुलिस और खुफिया एजेंसियां अलर्ट

मैदान में खेल रहे जागरूक बच्चों ने जैसे ही ड्रोन को जमीन पर गिरते देखा, वे उसे सुरक्षित उठाकर गांव के सरपंच के पास ले गए। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए सरपंच ने बिना वक्त गंवाए तुरंत स्थानीय पुलिस प्रशासन को इसकी सूचना दी। सीमावर्ती राज्य में ड्रोन मिलने की खबर से सुरक्षा और खुफिया एजेंसियां तत्काल अलर्ट हो गईं। उपपुलिस अधीक्षक (डीएसपी) राजीव कुमार भारी पुलिस बल के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे और पूरे इलाके को घेरे में लेकर ड्रोन को अपने कब्जे में ले लिया।

सेना के अधिकारियों ने किया स्पष्ट, तकनीकी खराबी के चलते हुआ क्रैश

शुरुआती दौर में ड्रोन के पीछे किसी राष्ट्रविरोधी या संदिग्ध गतिविधि की आशंका के चलते ग्रामीणों में भय और दहशत का माहौल पनप गया था। हालांकि, गहन जांच और सत्यापन के बाद मौके पर पहुंचे भारतीय सेना के अधिकारियों ने स्थिति पूरी तरह स्पष्ट कर दी। सैन्य अधिकारियों ने बताया कि यह असल में सेना का ही एक टोही ड्रोन है, जो एक नियमित अभ्यास और टेस्टिंग (परीक्षण) उड़ान पर था, लेकिन अचानक आई तकनीकी खराबी के कारण अनियंत्रित होकर स्कूल के परिसर में गिर गया।

फायरिंग रेंज में चल रहा था नियमित परीक्षण, पुलिस ने अफवाहों से बचने की दी सलाह

सेना के अनुसार, नजदीकी फायरिंग रेंज क्षेत्र में सुरक्षा बलों द्वारा अक्सर इस प्रकार के तकनीकी उपकरणों और ड्रोनों का नियमित परीक्षण किया जाता है, इसलिए स्थानीय नागरिकों को इससे घबराने या आशंकित होने की बिल्कुल भी जरूरत नहीं है। पुलिस अधिकारियों ने भी ग्रामीणों से बातचीत कर उनका डर दूर किया और सोशल मीडिया पर किसी भी प्रकार की भ्रामक अफवाहों पर ध्यान न देने की सख्त हिदायत दी। फिलहाल, सैन्य और तकनीकी टीमें ड्रोन में आई खराबी के कारणों का पता लगाने के लिए उसकी जांच कर रही हैं ताकि भविष्य के लिए रिकॉर्ड तैयार किया जा सके।