बीकानेर: भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा पर ड्रोन के जरिए हथियारों की तस्करी कर देश की सुरक्षा को चुनौती देने वाले नेटवर्क के खिलाफ बीकानेर पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए तीन और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई के साथ ही पुलिस ने उस संगठित मॉड्यूल की महत्वपूर्ण कड़ियों को बेनकाब कर दिया है, जो पाकिस्तान से भेजी गई हथियारों की खेप को भारतीय सीमा में रिसीव कर आगे पहुंचाने का काम कर रहा था।

ड्रोन के जरिए हथियारों की तस्करी का खुलासा

खाजूवाला थाना क्षेत्र में दर्ज इस बहुचर्चित मामले की जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि गिरफ्तार आरोपी सीधे तौर पर मुख्य हैंडलर सोनू उर्फ सुखविंदर के संपर्क में थे। यही हैंडलर पाकिस्तान की ओर से ड्रोन के माध्यम से गिराए गए हथियारों की जीपीएस लोकेशन अपने नेटवर्क के सदस्यों तक पहुंचाता था। इसके बाद आरोपी तय स्थान पर पहुंचकर हथियारों का पेलोड उठाते और उसे आगे सप्लाई चेन में शामिल अन्य लोगों तक पहुंचाते थे। उल्लेखनीय है कि 27 फरवरी 2026 को खाजूवाला क्षेत्र में पाकिस्तान की ओर से ड्रोन के जरिए हथियार गिराए जाने की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज किया था।

पंजाब और श्रीगंगानगर से तीन आरोपी गिरफ्तार

गहन जांच और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर पुलिस ने पंजाब के फाजिल्का जिले से करण सिंह और गुरकीरत सिंह को दबोचा, जबकि तीसरे आरोपी अवतार सिंह को श्रीगंगानगर जिले के घड़साना क्षेत्र से पकड़ा गया। पूछताछ में सामने आया कि करण सिंह और गुरकीरत सिंह इस नेटवर्क में फुट सोल्जर के रूप में काम करते थे। उनका मुख्य काम सीमावर्ती क्षेत्रों में ड्रोन से गिराए गए हथियारों को सुरक्षित तरीके से उठाकर निर्धारित ठिकानों तक पहुंचाना था।

फरीदकोट जेल से जुड़े तस्करी के तार

जांच के दौरान कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं, जिसके अनुसार करण सिंह की मुलाकात मुख्य हैंडलर सोनू उर्फ सुखविंदर से फरीदकोट जेल में हुई थी, जहां से दोनों के बीच आपराधिक संपर्क स्थापित हुआ। वहीं, गुरकीरत सिंह अपने ससुराल पक्ष के माध्यम से इस नेटवर्क में शामिल हुआ था। पुलिस द्वारा खंगाले गए आपराधिक रिकॉर्ड में करण सिंह के खिलाफ पंजाब में एनडीपीएस एक्ट के दो मामले और अवतार सिंह के खिलाफ एनडीपीएस, चोरी व विद्युत अधिनियम के मामले दर्ज पाए गए हैं।

सीमा पार नेटवर्क की गहन जांच जारी

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस कार्रवाई से सीमा पार से संचालित होने वाले उस आपराधिक नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है, जो ड्रोन तकनीक का इस्तेमाल कर भारत में अवैध हथियार पहुंचाने की फिराक में था। पुलिस महानिरीक्षक ओमप्रकाश और जिला पुलिस अधीक्षक मृदुल कच्छावा के निर्देशन में सहायक पुलिस अधीक्षक अनुष्ठा कालिया इस जांच का नेतृत्व कर रही हैं। सुरक्षा एजेंसियां इस मामले को राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा बेहद गंभीर प्रकरण मानते हुए वित्तीय लेन-देन और स्थानीय सहयोगियों की भूमिका की गहनता से पड़ताल कर रही हैं।