नई दिल्ली: संसद के मानसून सत्र में दोनों सदनों—लोकसभा और राज्यसभा—की कार्यवाही हंगामे की भेंट चढ़ गई। विपक्ष द्वारा छात्रों के प्रदर्शन और पुलिस बल प्रयोग जैसे संवेदनशील मुद्दों पर तुरंत चर्चा की मांग को लेकर किए गए भारी विरोध के बाद दोनों सदनों की कार्यवाही को दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया।

लोकसभा: प्रश्नकाल चलाने की अपील बेअसर, कार्यवाही स्थगित

लोकसभा की बैठक शुरू होते ही विपक्षी सांसदों ने अपने दिए नोटिस पर तत्काल चर्चा कराने की मांग को लेकर हंगामा और नारेबाजी शुरू कर दी। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सदस्यों से व्यवस्था बनाए रखने और प्रश्नकाल चलने देने की अपील की। उन्होंने आश्वस्त किया कि पीठ विपक्ष के हर मुद्दे पर नियमानुसार प्रश्नकाल के बाद चर्चा कराने को तैयार है। हालांकि, विपक्षी सांसदों का विरोध शांत न होने पर अध्यक्ष ने कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।

मंत्रालयी दस्तावेज व पीएसी रिपोर्ट पेश करने की कार्यसूची

सदन की कार्यसूची के अनुसार, केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय और बी. संजय कुमार (गृह मंत्रालय), बी. एल. वर्मा (सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता), सुकांत मजूमदार (शिक्षा) तथा हर्ष मल्होत्रा (सड़क परिवहन एवं राजमार्ग) को अपने-अपने मंत्रालयों से संबंधित दस्तावेज पटल पर रखने थे। इसके साथ ही भाजपा सांसद के. लक्ष्मण और कांग्रेस सांसद अखिलेश प्रसाद सिंह को लोक लेखा समिति (PAC) की 2026-27 की चार रिपोर्ट प्रस्तुत करनी थीं, जिनमें 'धनुष' 155mm/45 कैलिबर गन प्रणाली के उत्पादन में देरी पर 18वीं लोकसभा की 48वीं रिपोर्ट प्रमुख है।

राज्यसभा: शोक संदेश के बाद खरगे ने उठाया छात्र लाठीचार्ज का मुद्दा

उधर उच्च सदन (राज्यसभा) में दिवंगत पूर्व सदस्यों को श्रद्धांजलि देने के बाद पटल पर आवश्यक दस्तावेज रखे गए। इसके तुरंत बाद विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रदर्शनकारी छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई और लाठीचार्ज का मुद्दा उठाया। सभापति सी. पी. राधाकृष्णन द्वारा सदस्यों से अपनी बारी का इंतजार करने के आग्रह के बावजूद विपक्षी दल अपनी मांग पर अड़े रहे, जिसके बाद सभापति ने राज्यसभा की कार्यवाही को भी दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया।