त्रिपाल तानकर दी गई अंतिम विदाई, श्मशान घाट की अव्यवस्था पर उठे सवाल
सवाई माधोपुर: सवाई माधोपुर जिले के बंधा गांव में एक बेहद दुखद और हृदयविदारक घटना सामने आई है। गांव के निवासी हनुमान मीणा की बिजली का करंट लगने से अचानक असमय मौत हो गई। इस दर्दनाक हादसे की खबर फैलते ही पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई और परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। घटना के बाद से ही पीड़ित परिवार और पूरे ग्रामीण समुदाय में गहरा मातम छाया हुआ है।
श्मशान घाट पर टीन शेड न होने से बारिश में बिगड़े हालात
हादसे के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने नम आंखों से मृतक के अंतिम संस्कार की तैयारियां शुरू कीं, लेकिन तेज बारिश ने उनकी मुश्किलें कई गुना बढ़ा दीं। गांव के श्मशान घाट पर टीन शेड और छत की कोई व्यवस्था न होने के कारण बारिश के बीच अंतिम संस्कार संपन्न कराना ग्रामीणों के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण बन गया। पानी से चिता को भीगने से बचाने के लिए ग्रामीणों को स्वयं त्रिपाल तानकर खड़ा होना पड़ा, तब जाकर किसी तरह अंतिम विधि पूरी की जा सकी।
बुनियादी सुविधाओं की कमी पर प्रशासनिक उदासीनता उजागर
इस पूरे घटनाक्रम ने ग्रामीण इलाकों में बुनियादी सुविधाओं के अभाव और प्रशासनिक ढिलाई की पोल खोलकर रख दी है। ग्रामीणों का कहना है कि श्मशान घाट पर शेड और अन्य प्राथमिक सुविधाएं मुहैया कराने के लिए ग्राम पंचायत से कई बार लिखित और मौखिक गुहार लगाई जा चुकी है, परंतु आज तक कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाया गया। हर बार बारिश के मौसम में अंतिम संस्कार के समय लोगों को इसी तरह की भारी दुश्वारियों से जूझना पड़ता है।
ग्रामीणों ने की श्मशान घाट में जल्द सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग
त्रिपाल के सहारे चिता को बचाकर अंतिम संस्कार करने का यह भावुक दृश्य देखकर वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम हो गईं। इस अव्यवस्था से आक्रोशित और दुखी ग्रामीणों ने अब शासन-प्रशासन से श्मशान घाट पर तुरंत टीन शेड का निर्माण कराने और आवश्यक बुनियादी ढांचा विकसित करने की जोरदार मांग की है, ताकि भविष्य में किसी भी शोकाकुल परिवार को इस प्रकार की पीड़ा और असुविधा का सामना न करना पड़े।


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