छत्तीसगढ़ कैबिनेट का बड़ा तोहफा, अग्निवीरों के लिए आरक्षण और किसानों के लिए नई पहल
रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में हाल ही में आयोजित राज्य मंत्रिपरिषद की महत्वपूर्ण बैठक में सरकार ने कृषि और रोजगार के मोर्चे पर कई बड़े और दूरगामी फैसले लिए हैं। केबिनेट की इस बैठक के बाद उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि प्रदेश के किसानों को कृषि सीजन के दौरान समय पर खाद और उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए एक विशेष मंत्रिमंडलीय समिति का गठन किया जाएगा। इसके अलावा, भारतीय सेना में अपनी सेवाएं पूरी करके लौटने वाले वीर अग्निवीरों के भविष्य को सुरक्षित करने के वास्ते राज्य की विभिन्न सरकारी नौकरियों में 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण देने के प्रस्ताव को भी आधिकारिक रूप से स्वीकृति प्रदान कर दी गई है।
राज्य में उर्वरक की सुचारू आपूर्ति की निगरानी करेगी विशेष मंत्रिमंडलीय उपसमिति
राज्य मंत्रिमंडल ने खरीफ और रबी दोनों ही प्रमुख कृषि सीजन के दौरान किसानों को किसी भी तरह की खाद की किल्लत से बचाने और उर्वरकों की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए एक उच्चस्तरीय समिति बनाने का फैसला किया है। यह विशेष समिति राज्य में खाद की खरीद, प्रशासनिक वितरण और रैक पॉइंट से आपूर्ति व्यवस्था की नियमित रूप से समीक्षा करेगी तथा मैदानी स्थिति के अनुसार सरकार को अपने सुझाव देगी।
इस महत्वपूर्ण समिति की अध्यक्षता सूबे के उप मुख्यमंत्री अरुण साव द्वारा की जाएगी, जबकि कृषि मंत्री, सहकारिता मंत्री और वित्त विभाग के मंत्री इसके आधिकारिक सदस्य होंगे। इसके अलावा, कृषि उत्पादन आयुक्त (APC) को इस समिति का संयोजक (कन्वीनर) नियुक्त किया गया है। जरूरत पड़ने पर कृषि और सहकारिता क्षेत्र के विशेष विशेषज्ञों तथा संबंधित वरिष्ठ अधिकारियों को भी समिति की बैठकों में बतौर सदस्य आमंत्रित किया जा सकेगा।
छत्तीसगढ़ में अग्निवीरों को सरकारी भर्तियों और पुलिस-वन विभाग में मिलेगा 10 प्रतिशत आरक्षण
राज्य की विष्णुदेव साय सरकार ने 'अग्निवीर योजना' के तहत भारतीय सेना में अपनी अनुकरणीय सेवा पूरी कर चुके देश के युवाओं के सुगम पुनर्वास को ध्यान में रखते हुए एक ऐतिहासिक निर्णय लिया है। अब से छत्तीसगढ़ राज्य के पुलिस विभाग में आरक्षक (कांस्टेबल), वन विभाग में वनरक्षक और जेल विभाग में प्रहरी (वार्डर) के पदों पर होने वाली सीधी भर्तियों में अग्निवीरों के लिए 10 प्रतिशत पद आरक्षित रहेंगे।
इस बड़े फैसले को कानूनी जामा पहनाने और धरातल पर लागू करने के लिए 'छत्तीसगढ़ अग्निवीर सैनिक आरक्षण नियम-2026' के प्रारूप को तैयार करने के प्रस्ताव को भी केबिनेट ने हरी झंडी दे दी है।
किन युवाओं को मिल सकेगा इस विशेष आरक्षण का सीधा लाभ?
सरकार द्वारा तय किए गए नियमों के अनुसार, इस सरकारी आरक्षण का लाभ केवल उन्हीं पूर्व अग्निवीरों को प्रदान किया जाएगा, जिन्होंने भारतीय सशस्त्र बलों (थल सेना, वायु सेना या नौसेना) में निर्धारित चार साल की अपनी सेवा पूरी कर ली है और सेना की ओर से वैध सेवामुक्ति प्रमाण-पत्र (Discharge Certificate) प्राप्त किया है।


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