पंजाब ने खोया वीर सपूत, राजौरी हादसे में जवान सुखप्रीत सिंह बलिदान
सुंदरबनी: जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में नियंत्रण रेखा (एलओसी) के पास तैनात पंजाब के एक शूरवीर जवान सुखप्रीत सिंह ड्यूटी के दौरान दर्दनाक हादसे का शिकार होकर देश के लिए बलिदान हो गए। वह 19 जम्मू एंड कश्मीर राइफल्स में अपनी सेवाएं दे रहे थे और अग्रिम सैन्य चौकी पर मुस्तैदी से तैनात थे। मंगलवार और बुधवार की मध्यरात्रि सुंदरबनी सेक्टर में सीमा की निगरानी करते समय अचानक पैर फिसल जाने के कारण यह दुखद दुर्घटना घटी, जिससे पूरे सैन्य तंत्र और उनके गृह नगर में शोक की लहर दौड़ गई है।
सुंदरबनी सेक्टर की अग्रिम चौकी पर हुआ हादसा
सैन्य सूत्रों के अनुसार यह हृदयविदारक घटना जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में स्थित सुंदरबनी सेक्टर की एक बेहद संवेदनशील अग्रिम चौकी पर हुई। मध्यरात्रि के समय सीमा पार की गतिविधियों पर नजर रखने और देश की सुरक्षा सुनिश्चित करने के दौरान जवान सुखप्रीत सिंह का संतुलन बिगड़ गया और पैर फिसलने से वह गहरे हादसे की चपेट में आ गए।
गिद्दड़बाहा का वीर सपूत देश सेवा में समर्पित
बलिदानी जवान सुखप्रीत सिंह पंजाब के गिद्दड़बाहा क्षेत्र के निवासी थे और भारतीय सेना की 19 जम्मू एंड कश्मीर राइफल्स में अपनी सेवाएं दे रहे थे। वह अपने कर्तव्यप्रायण स्वभाव और देशभक्ति के लिए जाने जाते थे। उनकी शहादत की खबर मिलते ही उनके पैतृक गांव और आसपास के क्षेत्रों में गमगीन माहौल बन गया है तथा परिवारजन और ग्रामीण उनके सर्वोच्च बलिदान को नमन कर रहे हैं।
नियंत्रण रेखा पर मुस्तैदी से निभा रहे थे अपनी जिम्मेदारी
सीमांत इलाकों की कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और विषम परिस्थितियों के बावजूद जवान सुखप्रीत सिंह अपनी पोस्ट पर पूरी निष्ठा के साथ तैनात थे। नियंत्रण रेखा पर रात के समय गश्त और पहरेदारी बेहद जोखिम भरी होती है, जहाँ एक छोटी सी चूक या दुर्घटना जानलेवा साबित हो सकती है। अपने देश की सीमाओं की रक्षा करते हुए उन्होंने अपनी अंतिम सांस तक अपने कर्तव्य का पालन किया।
सैन्य सम्मान के साथ दी जाएगी अंतिम विदाई
जवान के पार्थिव शरीर को पूरे सैन्य सम्मान के साथ उनके पैतृक गांव ले जाने की तैयारी की जा रही है, जहाँ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। सेना के वरिष्ठ अधिकारियों और स्थानीय प्रशासन ने जवान के निधन पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त की हैं तथा देश की सेवा में उनके योगदान को अभूतपूर्व बताया है।


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