SIR अभियान में गड़बड़ी पर शिकंजा, 28 BLO सस्पेंड और 150 से अधिक को नोटिस
चंडीगढ़: हरियाणा में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कार्य में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) पर राज्य प्रशासन की ओर से सख्त कार्रवाई शुरू कर दी गई है। राज्य भर में इस महत्वपूर्ण कार्य में ढिलाई बरतने पर अब तक 28 से अधिक बीएलओ को निलंबित किया जा चुका है। इसके साथ ही 150 से अधिक बीएलओ और उनके सहायकों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं, जिनका संतोषजनक उत्तर न मिलने पर सेवा संबंधी कड़ी कार्रवाई की जाएगी। कुछ गंभीर मामलों में तो संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की सिफारिश भी की गई है।
विभिन्न जिलों में बीएलओ और अधिकारियों पर गिरी गाज
पुनरीक्षण कार्य में लापरवाही को लेकर सबसे बड़ी कार्रवाई करनाल जिले में देखी गई है, जहाँ 12 बीएलओ को तुरंत प्रभाव से निलंबित किया जा चुका है। इसके अतिरिक्त पलवल में 10, सोनीपत में दो और नारनौल, कुरुक्षेत्र, महेंद्रगढ़, गुरुग्राम तथा नूंह में एक-एक बीएलओ पर निलंबन की गाज गिरी है। पंचकूला जिले में भी सख्ती दिखाते हुए 6 सुपरवाइजरों और 50 बीएलओ को नोटिस जारी करने का पत्र भेजा गया है, जबकि 10 बीएलओ को निलंबित करने की सिफारिश की गई है। इसी तरह सोहना क्षेत्र में भी 86 कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस थमाए गए हैं।
सख्त प्रशासनिक कदमों के पीछे की मुख्य वजहें
प्रशासन द्वारा बीएलओ के खिलाफ इस तरह के कड़े कदम उठाने के पीछे कई गंभीर वजहें सामने आई हैं। अधिकारियों द्वारा घर-घर जाकर सर्वे का कार्य समय पर पूरा न करना और मतदाताओं से संपर्क साधने में ढिलाई बरतना मुख्य कारण रहा है। इसके अलावा फॉर्म जमा कराने में बेवजह देरी करने, निर्धारित बूथों से गायब रहने, ड्यूटी के दौरान मोबाइल फोन बंद रखने, तय समय-सीमा का उल्लंघन करने और बार-बार दी गई चेतावनियों के बावजूद कार्यशैली में सुधार न करने के कारण यह निलंबन व नोटिस की कार्रवाई की गई है।
मतदाता सूची को त्रुटिरहित बनाने का महत्वपूर्ण अभियान
निर्वाचन अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि मतदाता सूची का पुनरीक्षण चुनाव प्रणाली की नींव है और यह एक अत्यंत संवेदनशील तथा अनिवार्य प्रक्रिया है। इसके अंतर्गत बीएलओ को हर घर तक पहुँचकर मतदाता सत्यापन फॉर्म भरवाने और उन्हें समयबद्ध तरीके से जमा करने का दायित्व सौंपा जाता है। निष्पक्ष और सटीक मतदाता सूची तैयार करने के उद्देश्य से इस कार्य में किसी भी स्तर की लापरवाही या अनिमितता को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और नोटिस का जवाब मिलने पर आगे का विधिक निर्णय लिया जाएगा।
राज्य चुनाव आयोग ने मांगी दोषी कर्मचारियों की विस्तृत रिपोर्ट
मुख्य निर्वाचन कार्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार यह पूरी कार्रवाई जिला उपायुक्तों के स्तर पर अमलीजामा पहनाई गई है। राज्य चुनाव आयोग ने सभी जिलों के उपायुक्तों से ऐसे सभी अधिकारियों और कर्मचारियों की पूरी सूची तलब की है जिन्होंने इस राष्ट्रव्यापी अभियान में शिथिलता दिखाई है। आयोग का मुख्य ध्येय यह सुनिश्चित करना है कि राज्य का प्रत्येक पात्र नागरिक बिना किसी असुविधा के मतदाता सूची में शामिल हो सके और कोई भी योग्य मतदाता इस प्रक्रिया में छूटने न पाए।


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