दौसा: दिल्ली से मानपुर जाते समय राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सचिन पायलट दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के भांडारेज इंटरचेंज पर कुछ देर के लिए रुके। इस दौरान बड़ी संख्या में मौजूद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उनका जोरदार स्वागत किया। कार्यकर्ताओं से मुलाकात और स्वागत के बाद सचिन पायलट ने मीडियाकर्मियों से बातचीत करते हुए केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा और देश में युवाओं से जुड़े गंभीर मुद्दों को प्रमुखता से उठाया।

केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे तक आंदोलन जारी रखने का ऐलान

मीडिया से मुखातिब होते हुए सचिन पायलट ने साफ कहा कि जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री अपने पद से इस्तीफा नहीं दे देते, तब तक विरोध प्रदर्शन और आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने चेतावनी भरे अंदाज में कहा कि यदि समय रहते देश के नौजवानों की समस्याओं का उचित समाधान नहीं निकाला गया, तो देश के सामने एक बड़ा संकट खड़ा हो सकता है। कांग्रेस पार्टी आने वाले दिनों में युवाओं के इन मुद्दों को लेकर पूरे देश में अपने आंदोलन को और अधिक तेज करेगी।

पेपर लीक और कोचिंग माफिया पर सरकार को घेरा

पूर्व उपमुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान में देश का युवा वर्ग सबसे अधिक परेशान और निराश है। प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक होने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं, जबकि दूसरी तरफ कोचिंग और ट्यूशन माफिया बेलगाम होकर सक्रिय हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इन बुनियादी समस्याओं का कोई भी स्थायी समाधान खोजने में पूरी तरह नाकाम साबित हुई है, जिससे लाखों युवाओं की मेहनत, समय और सपनों के साथ सरेआम खिलवाड़ हो रहा है।

जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारी छात्रों पर कार्रवाई की कड़ी निंदा

सचिन पायलट ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर अपनी जायज मांगों को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुई पुलिसिया कार्रवाई की कठोर शब्दों में आलोचना की। उन्होंने कहा कि अपने हक के लिए आवाज उठा रहे निर्दोष विद्यार्थियों पर लाठियां चलाई गईं, आंसू गैस के गोले दागे गए और उनके खिलाफ मुकदमे दर्ज कर दिए गए। कई छात्र गंभीर रूप से घायल होकर अस्पतालों में इलाज कराने को मजबूर हैं, जिसे किसी भी कीमत पर जायज नहीं ठहराया जा सकता।

छात्रों पर दर्ज मुकदमे तुरंत वापस लेने की पुरजोर मांग

कांग्रेस नेता ने सरकार से मांग करते हुए कहा कि आंदोलनरत छात्रों पर दर्ज किए गए सभी झूठे मुकदमों को अविलंब निरस्त किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि युवाओं की आवाज को दबाने के बजाय सरकार को उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुनना चाहिए और पारदर्शी परीक्षा प्रणाली सुनिश्चित करनी चाहिए। कांग्रेस पार्टी युवाओं की इस लड़ाई में उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी रहेगी और उनके न्याय के लिए सड़क से संसद तक संघर्ष जारी रखेगी।