नागपुर — महाराष्ट्र के अमरावती जिले के मेलघाट क्षेत्र स्थित धारणी तहसील में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब क्षेत्र के विभिन्न आदिवासी आश्रम स्कूलों में बड़े पैमाने पर फूड पॉइजनिंग का गंभीर मामला सामने आया। इस हृदयविदारक घटना में बड़ी संख्या में छात्र अचानक बीमार पड़ गए, जिससे प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया है।

चार आदिवासी आश्रम स्कूलों के 143 छात्र बीमार

मेलघाट के आदिवासी आश्रम स्कूलों में परोसे गए भोजन की गुणवत्ता बेहद खराब होने के कारण अचानक छात्रों की तबीयत बिगड़ने लगी। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, विभिन्न संस्थानों के कुल 143 छात्र इस फूड पॉइजनिंग की चपेट में आ गए हैं। इनमें टीटंबा आश्रम स्कूल के 70, बिजूधावड़ी के 40, सुसरदा के 3 और सावलीखेड़ा आश्रम स्कूल के 30 छात्र शामिल हैं।

भोजन के बाद शुरू हुई उल्टी और पेट दर्द की शिकायत

छात्रों ने आरोप लगाया है कि उन्हें भोजन में अधपका और निम्न गुणवत्ता का खाना परोसा गया था। इसे खाने के कुछ ही देर बाद बच्चों को पेट में तेज दर्द, चक्कर आने, उल्टी और दस्त जैसी गंभीर शिकायतें होने लगीं। देखते ही देखते बीमार बच्चों का आंकड़ा तेजी से डेढ़ सौ के करीब पहुंच गया, जिससे पूरे परिसर में कोहराम मच गया।

अस्पताल में भर्ती और मंत्री द्वारा स्थिति का जायजा

स्कूल प्रशासन और स्थानीय प्रबंधन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सभी पीड़ित छात्रों को तत्काल धारणी उपजिला अस्पताल में भर्ती कराया, जहां डॉक्टरों की देखरेख में उनका इलाज जारी है। गनीमत यह रही कि समय पर अस्पताल पहुंचने से सभी की हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है। घटना की गंभीरता को देखते हुए आदिवासी विकास मंत्री अशोक उईके ने खुद मेलघाट पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया।

स्वास्थ्य विभाग और सेंट्रल किचन की उच्चस्तरीय जांच

घटना के बाद पूरे प्रशासनिक और स्वास्थ्य विभाग में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है। मेलघाट के इन आश्रम स्कूलों में भोजन की आपूर्ति 'सेंट्रल किचन' के माध्यम से की जाती है, जिसके चलते अब प्रशासन ने उस मुख्य रसोई और खाद्य सामग्री की गुणवत्ता की गहन जांच शुरू कर दी है। परिजनों ने भी इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।