गुजरात चुनाव को लेकर कांग्रेस ने बदली रणनीति, युवा वोटरों को साधने पर फोकस
गांधीनगर: गुजरात में लगातार चुनावी चुनौतियों का सामना करने के बाद कांग्रेस ने आगामी विधानसभा चुनावों के लिए अपनी रणनीति में बड़ा बदलाव करने का फैसला किया है। पार्टी इस बार युवाओं और 'जेन ज़ी' (Gen Z) पीढ़ी को केंद्र में रखकर चुनावी मैदान में उतरने की तैयारी में है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, आने वाले चुनावों में बड़ी संख्या में युवा चेहरों को टिकट दिया जा सकता है, क्योंकि वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य में युवाओं की भूमिका बेहद अहम मानी जा रही है।
नए युवा चेहरों और संगठन पर जोर
पार्टी नेतृत्व आगामी चुनावी मुकाबले के लिए नए और ऊर्जावान चेहरों को आगे लाने पर विचार कर रहा है। इसी सिलसिले में गुजरात कांग्रेस के अध्यक्ष अमित चावड़ा और विधायक दल के नेता तुषार चौधरी ने दिल्ली में शीर्ष नेतृत्व से चर्चा की है। इस बैठक के बाद माना जा रहा है कि पार्टी जल्द ही अपनी राज्य इकाई के नए संगठनात्मक ढांचे का ऐलान कर सकती है, जो पिछले कुछ समय से लंबित था।
पिछला चुनावी अनुभव और नई रणनीति
साल 2017 के चुनावों में पार्टी ने युवा आंदोलनकारियों और नए नेताओं को साथ लेकर उल्लेखनीय प्रदर्शन किया था और 77 सीटों पर जीत हासिल की थी। हालांकि, 2022 के चुनावों में पार्टी का प्रदर्शन काफी कमजोर रहा और सीटों की संख्या घटकर 17 रह गई। कई प्रमुख युवा चेहरों के अलग होने के बाद अब पार्टी एक बार फिर नई पीढ़ी के युवाओं पर अपना भरोसा जताने की रणनीति बना रही है।
छात्र राजनीति और जनमुद्दों पर सक्रियता
पार्टी का छात्र संगठन एनएसयूआई (NSUI) भी छात्रों और युवाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर पूरी तरह सक्रिय हो गया है। प्रवेश प्रक्रिया, परीक्षा प्रणाली, पेपर लीक, शुल्क वृद्धि और शिक्षण व्यवस्था से जुड़े विषयों को लेकर विशेष अभियानों की रूपरेखा तैयार की जा रही है। गुजरात यूनिवर्सिटी सहित विभिन्न संस्थागत मुद्दों को उठाकर संगठन युवा वर्ग के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने में जुटा है, जिससे राज्य में छात्र राजनीति की हलचल फिर तेज हो गई है।


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