रांची: झारखंड की राजधानी रांची में आइसा (AISA) की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा पर हुए हमले और उन पर स्याही फेंके जाने की सनसनीखेज घटना के बाद सियासी पारा चढ़ गया है। भाकपा माले की राज्य कमेटी ने इस कायराना हरकत की पुरजोर निंदा करते हुए आरोपियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। पार्टी नेताओं का कहना है कि यह लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठा रहे छात्र आंदोलन को दबाने की एक सोची-समझी साजिश है।

छात्रों के विधानसभा मार्च को बाधित करने का लगाया आरोप, जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाओं में भ्रष्टाचार का मुद्दा गरमाया

भाकपा माले झारखंड के राज्य सचिव मनोज भक्त ने बयान जारी करते हुए कहा कि विभिन्न छात्र संगठनों द्वारा जेपीएससी, जेएसएससी और अन्य परीक्षाओं में व्याप्त भ्रष्टाचार के विरोध में हेमंत सरकार से जवाब मांगने के लिए घोषित विधानसभा मार्च को विफल करने का प्रयास किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि जैसे-जैसे युवाओं और विद्यार्थियों का आंदोलन व्यापक रूप हो रहा है, विरोधी दलों और असामाजिक तत्वों में बौखलाहट बढ़ती जा रही है।

नेहा बोरा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में भाजपा और संघ पर बोला तीखा हमला, छात्र आंदोलन को कुचलने का मढ़ा आरोप

घटना के बाद पीड़ित नेत्री नेहा बोरा ने विधायक चंद्रदेव महतो के आवास पर पत्रकारों को संबोधित करते हुए भाजपा और आरएसएस पर सीधा निशाना साधा। उन्होंने कहा कि उन पर स्याही फेंकने वाला युवक अमरनाथ पांडेय है, जो हजारीबाग के बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय का छात्र और संघ से जुड़ा हुआ है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार या ऐसे हमलों से छात्र आंदोलन को कमजोर नहीं किया जा सकता, क्योंकि युवा अब अपने अधिकारों के प्रति पूरी तरह जागरूक हो चुके हैं।

पुलिस हिरासत में आरोपी युवक से पूछताछ जारी, देशविरोधी नारों के आरोपों को नेत्री ने बताया सरासर बेबुनियाद

प्रदर्शन के दौरान देशविरोधी नारे लगने के दावों को खारिज करते हुए नेहा बोरा ने कहा कि मंच से केवल प्रधानमंत्री, गृहमंत्री और शिक्षा मंत्री के खिलाफ नारेबाजी की गई थी, क्योंकि वे जिम्मेदार जनप्रतिनिधि हैं, और यह जनता का लोकतांत्रिक अधिकार है। वहीं दूसरी ओर, पुलिस हिरासत में लिए गए आरोपी युवक अमरनाथ पांडेय से पूछताछ की जा रही है, जबकि पुलिस प्रशासन मामले की निष्पक्ष जांच और अग्रिम कार्रवाई में जुटा हुआ है।