चंडीगढ़। राज्यभर में मानसून पूरी तरह से सक्रिय हो गया है और मूसलाधार बारिश का दौर शुरू हो चुका है। इसे देखते हुए मौसम विज्ञान केंद्र ने पूरे प्रदेश में आगामी तीन अगस्त तक भारी से अति भारी बारिश होने का रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी कर दिया है। लगातार हो रही इन मानसूनी बौछारों से राज्य के कई हिस्सों में तापमान में गिरावट दर्ज की गई है और आम जनमानस को उमस भरी गर्मी से बड़ी राहत मिली है।

बारिश का सबसे ज्यादा असर, इन बारह जिलों में ऑरेंज अलर्ट घोषित

मौसम विभाग से प्राप्त ताजा जानकारी के अनुसार, अगले 48 घंटों के दौरान पंजाब के उत्तरी और मैदानी इलाकों में कई स्थानों पर 12 सेंटीमीटर से भी अधिक भारी बारिश होने की आशंका जताई गई है। सुरक्षा और एहतियात के तौर पर जिन 12 जिलों में ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है, उनमें पठानकोट, गुरदासपुर, अमृतसर, कपूरथला, होशियारपुर, जालंधर, नवांशहर, लुधियाना, रूपनगर, मोहाली, फतेहगढ़ साहिब और पटियाला प्रमुख रूप से शामिल हैं। प्रशासन ने इन क्षेत्रों में विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए हैं।

विभिन्न शहरों में हुई झमाझम बारिश और तापमान में आई गिरावट

बीते गुरुवार को राज्य के विभिन्न हिस्सों में हुई अच्छी खासी बारिश ने मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल दिया। मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, पटियाला में 23.2 मिलीमीटर, पठानकोट में 29.5 मिलीमीटर, रूपनगर में 25.5 मिलीमीटर, नवांशहर में 34 मिलीमीटर और औद्योगिक शहर लुधियाना में 26.5 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। इस मानसूनी गतिविधि के चलते प्रदेश के अधिकतम तापमान में औसतन 0.3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई, हालांकि फरीदकोट में सबसे अधिक 37.8 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया।

आगामी दिनों के लिए मौसम का पूर्वानुमान और प्रशासन की तैयारियां

मौसम विभाग का अनुमान है कि तीन अगस्त तक लगातार भारी बारिश का दौर जारी रहने के बाद, इसके अगले चरण में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बौछारें पड़ने की संभावना है। लगातार हो रही बारिश के कारण जलभराव और यातायात प्रभावित होने की संभावना को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह से सतर्क हो गया है। आपातकालीन सेवाओं को मुस्तैद रहने के निर्देश दिए गए हैं ताकि किसी भी संभावित आपदा से समय रहते प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।