महाराष्ट्र। संसद के भीतर और बाहर राजनीतिक सरगर्मी उस समय काफी तेज हो गई जब लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के इस्तीफे और उनकी बर्खास्तगी की मांग पर शिवसेना यूबीटी के वरिष्ठ नेता व राज्यसभा सांसद संजय राउत ने खुलकर उनका समर्थन किया और तीखा बयान दिया है।

पुलवामा और पहलगाम की घटनाओं पर गृह मंत्री की जवाबदेही

संजय राउत ने मीडिया से बातचीत करते हुए जोरदार हमला बोला और सवाल उठाया कि पुलवामा हमले में जब हमारे 40 जवान शहीद हुए थे और जब पहलगाम में पर्यटकों को निशाना बनाया गया, तो इसकी सीधी नैतिक जिम्मेदारी आखिर किसकी बनती है, और देश के गृह मंत्री को इन सुरक्षा चूकों की जिम्मेदारी लेते हुए बहुत पहले ही अपना पद छोड़ देना चाहिए था।

जंतर-मंतर के प्रदर्शन और जनरल डायर वाले बर्ताव का आरोप

उन्होंने दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के आंदोलन को कथित तौर पर क्रूरता से दबाने, गोलियां तथा पैलेट गन चलाने का गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि संसद मार्ग की पुलिस डायरी में इसका पूरा रिकॉर्ड दर्ज है और गृह मंत्री का यह रवैया ब्रिटिश काल के जनरल डायर जैसा रहा है, इसलिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खुद इस मामले में हस्तक्षेप करके उनका इस्तीफा लेना चाहिए।

एंटी पेपर लीक बिल और शैक्षणिक संस्थानों पर तीखा हमला

लोकसभा से एंटी पेपर लीक बिल पास होने के मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने अपनी शंका जताई कि इस प्रकार के विधेयकों से कोई बड़ा बदलाव नहीं आने वाला है, क्योंकि देश की विभिन्न यूनिवर्सिटी में वाइस चांसलर के पदों पर विशेष विचारधारा से जुड़े लोग बैठे हैं और पेपर सेट करने वाली प्रणालियों में भी उन्हीं का प्रभाव होने के कारण लीक की असली जड़ें वहीं से जुड़ी हुई हैं।