कूड़े के ढेर और बारिश से बिगड़े हालात, हाईकोर्ट ने मांगी रिपोर्ट
चंडीगढ़: पंजाबभर में जारी सफाई कर्मचारियों की हड़ताल और उत्पन्न हुए गंभीर सफाई संकट को लेकर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने बेहद कड़ा रुख अपनाया है। अदालत ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि जनहित सर्वोपरि है और इस तरह की हड़तालों से उपजे कचरे के अंबार नागरिकों के स्वास्थ्य के साथ सीधा खिलवाड़ हैं।
मानसून के दौरान महामारी फैलने की आशंका पर चिंता
सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति पंकज जैन की पीठ ने गहरी चिंता जताते हुए कहा कि यदि मानसून के इस संवेदनशील मौसम में समय पर कूड़े और गंदगी का उचित निपटारा नहीं किया गया, तो राज्य में भयानक बीमारी और महामारी फैलने का खतरा पैदा हो सकता है। जलभराव और गंदगी मिलकर स्थिति को और अधिक खतरनाक बना सकते हैं।
राज्य के सभी नगर निकायों से मांगा गया विस्तृत हलफनामा
अदालत ने सुनवाई के दौरान स्पष्ट किया कि केवल संगरूर नगर परिषद द्वारा दी गई रिपोर्ट या प्रबंधों की जानकारी पर्याप्त नहीं है, क्योंकि यह मामला पूरे पंजाब राज्य से जुड़ा हुआ है। हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को कड़ा निर्देश देते हुए आगामी 22 जुलाई तक सभी नगर परिषदों और नगर निकायों की सफाई व्यवस्था का पूरा ब्योरा देने को कहा है।
हड़ताल से निपटने के लिए वैकल्पिक इंतजामों की मांग
याचिकाकर्ताओं द्वारा सरकार पर सफाई व्यवस्था बनाए रखने और आकस्मिक योजनाओं को लागू करने में विफल रहने का गंभीर आरोप लगाया गया। इसके मद्देनजर, अदालत ने अतिरिक्त महाधिवक्ता को आदेश दिया है कि अगली सुनवाई से पहले हड़ताल के दौरान किए गए सभी वैकल्पिक प्रबंधों और प्रशासनिक तैयारियों की विस्तृत रिपोर्ट अदालत के समक्ष पेश की जाए।


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