हांसी: हरियाणा के चानौत गांव में बिजली और पानी की किल्लत को लेकर किसानों का अनिश्चितकालीन धरना अब बेहद आक्रामक रूप ले चुका है। बढ़ते तापमान के साथ ही ग्रामीणों और किसानों का आक्रोश भी सातवें आसमान पर है। पेयजल संकट के स्थायी समाधान की मांग को लेकर वीरवार को गांव में एक विशाल किसान महापंचायत बुलाई गई है, जिसमें कई राजनैतिक दिग्गज और बड़े किसान नेता शामिल होंगे। इस बीच, महापंचायत को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद और अलर्ट मोड पर है। दूसरी तरफ, महापंचायत से ठीक पहले हांसी शहर के निवासियों ने इस मांग पर कड़ा एतराज जताते हुए उपायुक्त (DC) से मुलाकात की है, जिससे यह पूरा मामला अब ग्रामीण बनाम शहरी विवाद में बदलता नजर आ रहा है।

दिग्गज किसान नेताओं की मौजूदगी में तय होगी आगे की रणनीति

वीरवार सुबह 11 बजे होने वाली इस महापंचायत में प्रख्यात किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी और अभिमन्यु कोहाड़ समेत कई बड़े चेहरों के पहुंचने की प्रबल संभावना है। इसके साथ ही इस आंदोलन को धार देने के लिए रोघी खाप और सात बास खाप सहित अन्य स्थानीय खापों के प्रतिनिधि भी यहां जुटेंगे। नारनौंद के विधायक जस्सी पेटवाड़ ने भी बुधवार को धरना स्थल पर पहुंचकर ग्रामीणों की मांगों को अपना खुला समर्थन दिया। इस महापंचायत में ही प्रशासन के खिलाफ आर-पार की लड़ाई के लिए आगामी रूपरेखा तैयार की जाएगी।

लापरवाही पर SDO और JE सस्पेंड, पर ग्रामीण अड़े

महापंचायत के दबाव के बीच, सूबे के जनस्वास्थ्य मंत्री रणबीर गंगवा ने जलघर के निर्माण कार्य में बरती गई भारी लापरवाही को लेकर बड़ी कार्रवाई की है। मंत्री ने संबंधित एसडीओ (SDO) आशीष कुंडु और जेई (JE) अमित पंघाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित (सस्पेंड) कर दिया है। सरपंच प्रतिनिधि हिमांशु ने बताया कि गांव के जलघर की मरम्मत, नए वाटर टैंक और चहारदीवारी के निर्माण के लिए 7.86 करोड़ रुपये की ग्रांट 4-5 महीने पहले ही जारी हो चुकी थी, लेकिन अधिकारियों ने टेंडर ही जारी नहीं किया। हालांकि, धरने की अगुवाई कर रहे अनूप सिंह और अन्य ग्रामीणों का कहना है कि वे इस निलंबन से संतुष्ट नहीं हैं और उनका धरना तब तक खत्म नहीं होगा जब तक गांव को भाखड़ा की मुख्य पाइपलाइन से पानी का कनेक्शन नहीं मिल जाता।

शहरवासियों ने खोला मोर्चा, DC से मिलकर दी आंदोलन की चेतावनी

इधर, चानौत गांव की इस मांग के खिलाफ हांसी शहर के नागरिक भी लामबंद हो गए हैं। बुधवार को शहर के एक प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त राहुल नरवाल से मुलाकात कर इस मांग का पुरजोर विरोध किया। शहरवासियों का तर्क है कि बरवाला रोड भाखड़ा नहर से जो पाइपलाइन बिछाई जा रही है, वह विशेष रूप से हांसी शहर की प्यास बुझाने के लिए है। शहर पहले ही भयंकर जल संकट और बढ़ती आबादी की मार झेल रहा है। नागरिकों ने चेतावनी दी है कि यदि इस पाइपलाइन से किसी गांव को कनेक्शन दिया गया, तो शहर के हिस्से का पानी कम हो जाएगा। ऐसी स्थिति में शहरवासी भी सड़कों पर उतरकर अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू करने को मजबूर होंगे, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

प्रशासनिक स्तर पर सुलह की कोशिश जारी

दोनों पक्षों के आमने-सामने आने के बाद जिला प्रशासन के सामने कानून-व्यवस्था बनाए रखने और पानी के समान वितरण की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। नागरिकों की शिकायत और किसानों के तेवरों को देखते हुए उपायुक्त राहुल नरवाल ने प्रतिनिधिमंडल को भरोसा दिलाया है कि प्रशासन किसी के भी हितों से समझौता नहीं होने देगा। उन्होंने आश्वस्त किया कि मामले से जुड़े सभी पहलुओं और तकनीकी नियमों की बारीकी से समीक्षा करने के बाद ही कोई न्यायसंगत और उचित फैसला लिया जाएगा।